रायपुर. पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा दिए गए बयान बदलापुर की राजनीति छत्तीसगढ़ में नहीं चलेगी का कांग्रेस ने कड़ा प्रतिवाद किया है. प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नान घोटाले की फाइल खुलने मात्र से रमन सिंह घबरा क्यो रहे है ? जांच से डर क्यो ? रमन सिंह बताए वो कौन है जो अभी तक कानून की सलाखों के पीछे नही पहुँचा है ? जब मुख्यमंत्री थे तब क्यों नहीं गिरफ्तार करवाया था. दस दिनों पहले तक तो उनकी सरकार थी?

उन्होंने कहा कि रमन सिंह बताए कि महीनों तक नान घोटाले के दोषी अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति क्यों लम्बित रखी गयी थी तब तो केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें थीं? नान घोटाले की जांच और नान डायरी के अनसुलझी पहेली के खुलने के पहले ही इतनी बौखलाहट और घबराहट किस बात की है? कानून अपना काम करेगा और कानून को अपना काम करने भी देना चाहिए. रमन सिंह कौन से बदले की बात कर रहे हैं ऐसा उन्होंने क्या किया था जो उन्हें बदले का डर सता रहा है?

छत्तीसगढ़ में बदले की भावना से काम करने वाली भाजपा सरकार और रमन सिंह के राज का अंत हो चुका है, राज्य के लोगों ने देखा है किस प्रकार रमन सरकार बदले की भावना से काम करती थी? जब-जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल राजनांदगांव राजनैतिक कार्यक्रम करने जाते थे रमन सिंह उनके खिलाफ बदले की भावना से एक झूठा मुकदमा दर्ज करवा देते थे. लोगों ने देखा है कैसे भूपेश बघेल, उनकी माँ और पत्नी के खिलाफ विद्वेषपूर्वक एसीबी में मुकदमा दर्ज करवाया गया था. लोगों ने यह भी देखा है कैसे भूपेश बघेल के परिजनों की पैतृक जमीनों का भरी बरसात में सीमांकन करवाया गया था.

लोगों ने यह भी देखा है कैसे रमन सिंह की सरकार ने न्यायालय के आदेश के खिलाफ भूपेश बघेल की जमीन के सम्बन्ध में कलेक्टर से गैरकानूनी आदेश निकलवाया था. रमन सरकार की इन बदले की कार्यवाहियों को नजर अंदाज कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ कहा है कि कांग्रेस की सरकार कोई भी काम बदले की भावना से नहीं करेगी, लेकिन कोई भी दोषी बच भी नहीं सकता वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो.

 


1. अमन सिंह 
2. रजत कुमार
3. राजेश टोप्पो
4. नीरज बंसोड
5. आईएएस मुकेश बंसल
6. विशेष सचिव आर संगीता
7. आयुक्त पी अनबलगन
8. सीईओ एलेक्स पाल मेनन
9. शिवराज सिंह
10. अंकित आनंद
11. पी दयानंद
12. सीआर प्रसन्ना
13. मंगई
14. भीमसिंह
15. सौरभ कुमार
16. प्रियंका शुक्ला
17. सिद्धार्थ कोमल परदेशी
18. किरण कौशल
19. उमेश अग्रवाल
20. शम्मी आबिदी
21. सुबोध सिंह
22. एमके त्यागी
23. मुकेश गुप्ता
24. संजीव शुक्ला
25. ओपी पाल
26. आरिफ हुसैन
27. जीपी सिंह
28. अशोक जुनेजा
29. तारण सिन्हा
30. श्वेता सिन्हा
31. कौशलेंद्र सिंह- वन विभाग 
32. अनिल राय- पी.डब्लू.डी.
33. संजय शुक्ला
34. सुनील मिश्रा- वन विभाग 
35. अरुण प्रसाद- वन विभाग
36. पीसी मिश्रा
37. प्रदीप गुप्ता
38. अजात शत्रु
39. एएन उपाध्याय 
40. विवेक ढांड
41. व्ही. श्रीनिवास राव- वन विभाग 
42. आलोक तिवारी- वन विभाग
43. शिरीष सिन्हा - वन विभाग
44. डी.के. साहू - वन विभाग
45. राकेश मिश्रा - वन विभाग
46. प्रभात मिश्रा - वन विभाग
47. नवल किशोर पाण्डेय (एन.के. पाण्डेय)- पी.डब्लू.डी. 
48. चंद्रकिशोर पाण्डेय (सी.के. पाण्डेय)- पी.डब्लू.डी.
49. प्रभात सक्सेना- एस.डी.ओ., पी.डब्लू.डी.
50. गोयल- अधीक्षण अभियंता पी.डब्लू.डी.
51अरूण पांडेय,वन विभाग 
52.विक्रम सिसोदिया

दोस्तों यदि आपके नजर में कोई नाम छूट गया हो तो बताएं

किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विभागों के खर्च को कम करने के फिराक में है वैसे भी मंत्रालय में बाबु स्तर के लोगो के पास सरकारी गाड़ी है जिस पर वे और उनके परिवार घूमते देखे जाते हैं, सरकारी गाड़ी सिर्फ क्लास 2 के अधिकारियो के पास होना चाहिए वो भी जिनके पास कार्य ज्यादा है, पी.डब्लू.डी. के अधिकारी भी किराये की लग्जरी गाड़ी में घूमते हैं, इन सब से करोड़ों रुपए की बचत होगी, वन विभाग के करोड़ो रुपए तेंदूपत्ता बकाया की राशि बड़े-बड़े सेठों से लेनी है वही नगर निगम के अरबों रुपए मकान व दुकान टैक्स के रूप में लेने है जैसे की नगर निगम रायपुर जोन - 6 के अधीन छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज भवन के 1982 से लेकर 2018 तक का मकान टैक्स लगभग 15 – 20 लाख रुपए लेने हैं वही इसी तरह के लाखो मकान व दुकान है i

जिससे अरबो रुपए लेने है अगर इनसे ईमानदारी से पुराना टैक्स वसूला जाय तो किसानो को राहत दी जा सकती है इससे भूपेश बघेल के द्वारा किसानों से किया गया वादा भी पूरा हो जायेगा और आगामी लोक सभा चुनाव में कांग्रेस किसानों के पास वोट मांगने जावेगी तो कांग्रेस को वोट भी मिलेगा वहीँ छत्तीसगढ़ शासन का खजाना भी भरा रहेगा अनेकों विभाग में लगभग 15% से 20% कर्मचारी एवं अधिकारी बिना कोई काम के 50 हजार रूपये से लेकर के 1.50 लाख रूपये तक फ्री में वेतन लेते हैं जैसे कि मुख्य वन संरक्षक रायपुर में कई ऐसे लोकसेवक हैं जो मुफ्त की वेतन और भत्ता लेते हैं i

इन्हें नगर निगम के कार्यों में लगाया जाना चाहिए सिर्फ वन विभाग के कुछ डिविजनों में हजारों की संख्या में डेलीविजेस के नाम से कुशल श्रमिक, अर्ध कुशल श्रमिक, अकुशल श्रमिक का 8 हजार 400 रूपये से लेकर 16 हजार रूपये तक का वेतन रसूखदारों को खुश करने के लिए दिया जाता है जबकि वे विभाग के लिए कोई काम नहीं करते और उनके खाते में राशि जमा हो जाती है I यही हाल पी.डब्लू.डी. का है यहाँ भी अकुशल श्रमिक के रूप में कंगना रानौत व आलिया भट्ट से भी खुबसूरत लड़कियां डेली विजेस में रसूखदारों की शह से फ्री में राशि लेती हैं जबकि इनका विभाग में कोई काम नहीं है पूरे प्रदेश में इस तरह के लोगों की संख्या हजारों में है जिसके कारण करोड़ों रूपये फिजूलखर्ची में खर्च होते हैंi

इन सब को रोकने से छत्तीसगढ़ शासन को अरबों रूपये का बचत होगा इसी प्रकार छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी ( नुकसान की प्रतिपूर्ति ) अध्यादेश 2007 की धारा 4 के अंतर्गत कार्यवाही इंदिरा प्रियदर्शिनी नागरिक सहकारी बैंक, रायपुर से 18,37,44,086=00 रुपये गत 2006 की स्थिति में है यदि 2018 तक का ब्याज लगाकर जोड़ा जाये तो लगभग 36 करोड़ रूपये सिर्फ 1 प्रकरण में ही छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग को लेने को निकलेगा     

इंदिरा बैंक रायपुर के बकायादारों की सूची

       No.      Account Name                Director                    Limit                           Outstanding  on 17-8-06

  1.         Sneha Finvest                 NatMal Jain              1,20,60000                 -1,04,79562
  2.         HiLand Finance               NathMal Jain              2,53,00000                -24178865
  3.         S.R. Trade Link                R.Ramesh                 800000                     -1585
  4.          Rasna Comercial              K.Shankar                 5000000                   -3853644
  5.         Amanat Vinimay               G.Sudarshan Rao       5000000                   -12254251
  6.          S.M.Securities                 Sunil Kumar Jain        4000000                   -3367684
  7.          Sunanda Vinimay              Sunil Das                   22010000                -19314377
  8.          Sarna Vyapar                  NathMal                     23200000                -25168199
  9.          G.S.R. Finvest                 G.Sudarshan              21430000                -19884349.3
  10.           Kushal Associate            Prakashchand Jain     5000000                   -3990924
  11.           Rays & Arrows               ----------------             20100000                -22473482

     13.        Aman Allumainum              Raghu kumar           28200000                -30988058

  1.        Tirubala Ji Vinimay             Saradchand Nayak     1000000                -998853
  2.         Sagar Finance                   Niramj Jain               266000                     -698891
  3.          Wister Commercial             Ritesh Kumar          ------------                  1391385

                                                                 TOTAL          17,90,60,000               -18,37,44,086.3           

 

मगर भ्रष्ट नौकरशाहों की लालफीताशाही ऐसी है कि वे शासन का 1 रूपए वसूलने में 100 रूपये खर्च कर देते हैं जिस कारण शासन का खजाना हमेशा खाली रहता है आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ पंजीयक, फर्म्स एंड सोसायटी के अंतर्गत लगभग 12 लाख संस्थाओं से फार्म नं. 27 एवं 28 जमा नहीं करने के नाम से करोड़ों रूपये की रिकवरी की जा सकती है इस विषय पर पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटी के श्री राजेश राणा को कई बार महालेखाकार व स्थानीय निधि संपरीक्षा ने पत्र लिखा परन्तु पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटी किसी भी संस्था से फार्म नं. 27 एवं 28 के जमा नहीं करने के विरुद्ध पेनाल्टी वसूल नहीं कर पाई I इन बड़े-बड़े बकायादारों से राशि वसूल कर किसानों का कर्जा माफ़ किया जा सकता है तथा कांग्रेस अपने घोषणा पत्र को लागू कर सकता है परन्तु इन बकाया राशि को वसूलने में सबसे बड़े बाधक भ्रष्ट नौकरशाह हैं i

जिसके चलते कांग्रेस को अपने घोषणा पत्र के अनुसार किसानों का कर्जा माफ़ करने में बहुत  जोर लगाना पड़ेगा इसके लिए भूपेश बघेल को कुछ बड़े भ्रष्ट नौकरशाहों को जेल भेजना होगा सिर्फ कागजी आदेश से भ्रष्ट नौकरशाह नहीं मानने वाले हैं I इन सब समस्याओं का एक निदान है कि छत्तीसगढ़ शासन अपने संपूर्ण वित्तीय व्यवहार को सूचना के अधिकार की धारा 4 के तहत सार्वजानिक करे जिससे कि पूरा सिस्टम पारदर्शी हो जायेगा और छत्तीसगढ शासन के खजाने में इतनी राशि जमा हो जाएगी कि किसानों को दिए जाने वाले राहत को तत्काल पूरा किया जा सकता है मगर भ्रष्ट नौकरशाह सूचना अधिकार की धारा 4 को लागू होने नहीं देती जिस कारण छत्तीसगढ़ शासन का खजाना खाली रहता है I

रायपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत किये वृक्षारोपण जिसमे से अधिकांश पौधे मृत हो गए,  रायपुर वन परिक्षेत्र के अधिकाश कर्मचारी को गैरवानिकी कार्य ज्यादा करवाया जाता है वही एक रसूखदार के यहाँ सेवादारी करवाया जाता है, वही पूर्व सी.सी.एफ.अरुण पाण्डेय इन वृक्षारोपण को कभी भी देखने नही गए जिस कारण ये वृक्षारोपण भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया, निदाई और कोड़ाई के पैसे से हवाई यात्रा और राजनीतिक कार्यक्रम के होने से ये वृक्षारोपण के अधिकाश पौधे मर गए.

 

इन वृक्षारोपण के लिए प्राप्त राशी जिस से रासायनिक खाद व बारबेट वायर खरीदना है उसका कार्य किसे देना है वो एक बंगले में 12 प्रतिशत कमीशन देकर तय किया जाता हैं इस बंगले से रोज लाखोँ रुपए कमीशन के तय किये जाते थे मगर आयकर विभाग को इसकी भनक कैसे नही होता ये आश्चर्य का विषय हैं.  

  1. पथ वृक्षारोपण, तिल्दा से भिंभोरी सड़क किनारे वृक्षारोपण कार्य, 10 कि.मी., 10000 पौधे
  2. 8443 वन जमा प्रेषण, ग्राम गिरौध पहुँच मार्ग में पंक्ति रोपण 0.360 कि.मी., 200 पौधे
  3. 8443 वन जमा प्रेषण, ग्राम गिरौध मुक्तिधाम 0.225 कि.मी., 225 पौधे
  4. 8443 वन जमा प्रेषण, नया रायपुर रोड क्र. 9 डीवाईडर 2 कि.मी., 4000 पौधे
  5. वन परिक्षेत्र रायपुर, राजस्व भूमि मोंहदी तालाब के समीप 10 हेक्ट, 4000 पौधे
  6. वन परिक्षेत्र रायपुर, राजस्व भूमि गोढ़ी, 2.250 हेक्ट., 900 पौधे
  7. वन परिक्षेत्र रायपुर, डब्लू.आर.एस. रायपुर परिसर भाग-2, 20 हेक्ट., 8000 पौधे
  8. वन परिक्षेत्र रायपुर, संरक्षित वन ग्राम- सरोरा, 23 हेक्ट., 25300 पौधे
  9. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय रिक्त भूमि ग्राम पंचायत- सासाहोली, 10.506 हेक्ट., 6566 पौधे
  10. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय भूमि ग्राम पंचायत- टेमरी, 2.612 हेक्ट., 1045 पौधे
  11. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय भूमि ग्राम पंचायत- टेमरी, 2.612 हेक्ट., 1045 पौधे
  12. वन परिक्षेत्र रायपुर, हीरापुर- जरवाय, 2.5 हेक्ट., 2500 पौधे
  13. वन परिक्षेत्र रायपुर, छ.ग. निर्माण मंडल- धनसुली, 2 कि.मी., 1000 पौधे
  14. वन परिक्षेत्र रायपुर, छपोरा से शमशान घाट विप्र सामुदायिक भवन, 1.4 कि.मी. 700 पौधे
  15. वन परिक्षेत्र रायपुर, तेलीबांधा से छेरीखेरी, 2 कि.मी., 300 पौधे
  16. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय आयुर्वेदिक संस्थान टाटीबंध कर्मचारी आवासीय परिसर, 1 हेक्ट., 500 पौधे
  17. वन परिक्षेत्र रायपुर, पूर्व माध्यमिक शाला जदौंदा, 1.850 हेक्ट., 925 पौधे
  18. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मोवा, 0.079 हेक्ट., 40 पौधे
  19. वन परिक्षेत्र रायपुर, उच्चतर माध्यमिक शाला सालेम, 0.270 हेक्ट., 135 पौधे
  20. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय जे.एन. पाण्डेय उ.मा. शाला, 0.350 हेक्ट., 175 पौधे
  21. वन परिक्षेत्र रायपुर, केन्द्रीय विद्यालय डब्लू.आर.एस. रायपुर, 0.300 हेक्ट., 150 पौधे
  22. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय मा. शाला निलजा, 0.280 हेक्ट., 140 पौधे
  23. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय माध्यमिक शाला देवगांव, 0.580 हेक्ट., 290 पौधे
  24. वन परिक्षेत्र रायपुर, शासकीय माध्यमिक शाला पवनी, 0.600 हेक्ट., 300 पौधे
  25. वन परिक्षेत्र रायपुर, भुरकोनी से छपोरा मार्ग, 2.50 कि.मी., 1800 पौधे
  26. वन परिक्षेत्र रायपुर, गोकुलनगर पर्यावरण पार्क, 7 हेक्ट., 1000 पौधे
  27. वन परिक्षेत्र रायपुर, पं. रविशंकर वि.वि. परिसर के समीप, फार्मेसी कालेज के पीछे, 21.20 हेक्ट. 23320 पौधे
  28. वन परिक्षेत्र रायपुर, मेटल पार्क सोंडरा, 10.70 हेक्ट., 11770 पौधे
  29. वन परिक्षेत्र रायपुर, मंत्रालय नार्थ ब्लाक नया रायपुर, 9.00 हेक्ट. 20000 पौधे
  30. वन परिक्षेत्र रायपुर, व्ही.आई.पी. मार्ग से मन विमानतल मोड़ तक ( दोनों किनारे ), 18 कि.मी., 3320 पौधे

रायपुर रेंजर एम.डी. मानिकपुरी (प्रमोटी) उक्त वृक्षारोपण को झांकने नहीं जाते जिस कारण उक्त रोपित पौधों की हालत बहुत खराब है,

रायपुर रेंजर एम.डी. मानिकपुरी (प्रमोटी) पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में शिकायत भी हुई थी जिस पर अभी तक क्या कार्यवाही हुई है ये रहस्य है इस पर जल्द ही माननीय उच्च न्यायालय में पिटीशन लगाने की तैयारी की जा रही हैं I

 

 

Page 1 of 2

Popular Videos

Category: रायपुर

Category: शिक्षा

Category: वन विभाग

Category: शिक्षा

Featured Videos

Category: शिक्षा

Category: रायपुर

Category: रायपुर

Category: शिक्षा

विशेष  सूचना -  यदि किसी समाचार को रोकने या चलाने संबंधी दावा किया जाता है तो संपर्क करें -  अनिल अग्रवाल , 7999827209

सोशल मीडिया

संपर्क करें

अनिल अग्रवाल
संपादक
दानीपारा, पुरानी बस्ती
रायपुर,  छ्त्तीसगढ
492001
Mobile   - 7999827209
Email    - anilvafadar@gmail.com
website - http://www.vafadarsaathi.com

Total Visitors

© 2010 vafadarsaathi.com. All Rights Reserved. Designed By AGsys

Please publish modules in offcanvas position.