आर.टी.आई लगाना भारी पड़ा बिरगहनी के युवकों को

जांजगीर चांपा जिला मुख्यालय से महज १५ किलोमीटर की दूरी पर लोगो के अधिकार का हनन किया जा रहा है। गांव की सरपंच रामप्यारी पटेल के पुत्र ओम प्रकाश पटेल के इशारे मे सचिव द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी भी नही दी जा रही है।

वही सूचना के अधिकार लगाने वाले को सरपंच द्वारा नोटिस जारी कर अवैध कब्जा मे मकान बनाने और बकाया बिल नही पटाने का नोटिश भेज कर प्रताड़ीत किया जा रहा है।

सूचना के अधिकार कानून को बिरगहनी ग्राम पंचायत मे धज्जि उडाया जा रहा है।

और आवेदक से ही उसके द्वारा दिए गए आवेदन मे बिना जानकारी दिए जानकारी मिलने की पावती लेने का प्रयास किया गया, जिसके उजार होने से सचिव अपनी गलती स्वीकार कर रहे है।

सूचना के अधिकार कानून के तहत ग्राम बिरहगनी(च) के युवक विकास शर्मा (पूर्व वार्ड मेम्बर) और अन्य दो अभिनय सिंह.राकेश अग्रवाल ने गांव मे हुए विकास कार्यो की जानकारी ग्राम पंचायत से २५ अक्टूबर २०१६ को मांग की और आर.टी.आई के

नियमानुसार शुल्क राशि जमा कर ग्राम पंचायत मे सूचना का अधिकार लगाया गया, जिस आवेदन को देखने के बाद जिम्मेदार लोगो मे खलबली मच गई और किसी तरीके से मामले को रफादफा करने की कोशिश की गई।

जिसका प्रमाण ग्राम पंचायत मे सचिव के पास रखे आर.टी.आई के आवेदन के नीचे लिखे लाईन साबित करता है कि सचिव और उसके सह़योगियो द्वारा मामलो मे आवेदक से लिखी रुप मे ये लिखवाने की कोशिश की गई कि जो जानकारी आर.टी.आई मे चाही गई है

वो सब उसे प्राप्त हो गया है, लेकिन आवेदक द्वारा उनके इस कृत्य को भांप कर आवेदन मे हस्ताक्षर करने के इनकार करने पर ग्राम पंचायत से उसे नोटिस जारी किया गया और लंबे समय से निवास रह रहे मकान के मूल दस्तावेज ग्राम पंचायत मे सात दिनो के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए।

इसकी सूचना पीड़ित आवेदक ने कलेक्टर को ज्ञापन सौप कर न्याय की गुहार लगाई और ग्राम पंचायत के कर्ताधर्ताओ के काले कारनामो को कलेक्टर से शिकायत की इसके बाद भी आर.टी.आईं की जानकारी देने मे ग्राम पंचायत के सक्षम अधिकारी आना कानी करते रहे।

अब ३० दिन बीतने के बाद आवेदक ने आर.टी.आई की जानकारी मांगने के लिए प्रथम अपीलीय अधिकारीं को आवेदन पेश करने बलौदा जनपद पंचायत मे आवेदन किया था।

बिरगहनी(च)के सचिव रामप्रसाद यादव से आवेदक के शिकायत के बारे मे हमने जानने की कोशिश की जिसमे सचिव ने आर.टी.आई के तहत जानकारी नही दे पाने को अपनी गलती स्वीकार की और प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश के तहत पर जनपद के माघ्यम से जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन आवेदक को आर.टी.आई की जानकारी दिए बिना जानकारी प्राप्त होने की पावती लेने के प्रयास को किसी की साजिश बताया और अपने आप को साफ सुथरा बताते हुए मामले की जांच कराने की बात कही।

1.अभिनय सिंह को पंचायत के द्वारा जानकारी दिया गया है।

लेकिन अभिनय का कहना है की जो जानकारी मैंने माँगा था उसकी जानकारी नहीं दी गई।

2.राकेश अग्रवाल का कहना है की मुझे बिना जानकारी प्रदान किये ही जानकारी प्राप्त हो गया है लिख कर पावती में दस्तखत कराया जा रहा था।

3.विकास शर्मा का कहना है की उसे जानकारी नहीं दिया गया।

बल्कि उसको पंचायत के तरफ से प्रताड़ित किया जा रहा है।

विकास ने अपने बचाव में डी.एम को भी अवगत कराया उसकी छाया प्रति भी प्रस्तुत है :-

अभिनय सिंह को जो जानकारी मिला है पंचायत से उसकी छाया प्रति सलंगन है :-

पांच माह बीतने के बाद भी अभी तक ग्राम पंचायत के

सचिव सरपंच और प्रथम अपिलीय अधिकारी ने जानकरी प्रदान नहीं किया

इस मामले से और पंचायत के टालमटोल से यह सिद्ध होता है की तीनो आवेदको ने आर.टी.आई के तहत जो जानकारी मांग रहे है उस जानकारी से सचिव.सरपंच.और अन्य पंचायत सदस्य के काले कारनामे उजागर हो जायेंगे।

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