24 September 2017
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BREAKING NEWS

पी.डब्लू.डी.के द्वारा प्रदुषण रोकने के राशि के मद से ईस्टाईलिस्ट मॉडलो को भुगतान कहा तक उचित ?

पी.डब्लू.डी.का हाल ऐसा है की जहां रोड का काम चलता है वहा के आस पास के लोगो को भारी प्रदुषण का सामना करना पड़ता है, यही हाल रायपुर से बलौदा बाज़ार रोड का है,रायपुर से बलौदा बाज़ार रोड के लगभग हर १० वे किलोमीटर में कोई ना कोई पुल या मोड़ का काम चल रहा है, पी.डब्लू.डी. छत्तीसगढ़ का एक ऐसा विभाग है जहा पर सिर्फ मनमानी चलती है,यहाँ पर हर अधिकारी ने अपना पी.डब्लू.डी.मेनुवल बना रखा है, पी.डब्लू.डी.विभाग में कार्यरत अधिकारियो को चाहिये की जहां जहां काम चल रहा है वहा गर्दा ना फैले और उड़े उसके लिये टिन का अस्थायी दीवार बनाये और हरे रंग का नेट लगाये जिससे आने जाने वालो को गर्दा व प्रदुषण का सामना करना ना पडे,

       पी.डब्लू.डी.के ऑफिस का ये हाल है की ए.आर.का पैसा दैनिक वेतन भोगी के नाम से रसूखदारो की सेवा में जाता है, जबकि ए.आर.के पैसे से अस्थायी दीवार व हरे रंग का जाली लगाया जाना चाहिये, पर ऐसा नहीं होता ए.आर.के पैसे से मल्टी नेशनल कम्पनी की तर्ज पर ईस्टाईलिस्ट मॉडलो को पाले जाते है, जिस पर पी.डब्लू.डी.के कुछ लोग ही दबी जबान में गर्म-गर्म बाते करते है, जिसका जिक्र हम खुल कर नहीं कर सकते, पर समझदार को ईशारा काफी है, हमने ये जानने का प्रयास किया की किन लोगो को दैनिक वेतन भोगी के रूप में रूप में रखा जाता है तो हमें आश्चर्य हुवा की बहुत उच्च पद में बैठे लोग भी मल्टी नेशनल कम्पनी की तर्ज पर ईस्टाईलिस्ट मॉडलो को रखे हुवे है, जो कोई भी शासकीय कार्य को करने में दक्ष नहीं है,आखिर क्या काम है इन ईस्टाईलिस्ट मॉडलो का जो .डब्लू.डी.के पैसे से मज़ा कर रहे है, ४-५ साल तक काम करने के बाद भी १ पेज लैटर टाइपिंग करने वालो को क्यों पाल रही है, पी.डब्लू.डी.? जबकि जो पैसा इन ईस्टाईलिस्ट मॉडलो को पालने में खर्च हो रहा हैउससे तो जहां – जहां गर्दा व प्रदुषण हो रहा है वहा – वहा पर अस्थाई टीने की दीवार बनाने में खर्च करना चाहिये, चलो ऐसा भी नहीं की इन ईस्टाईलिस्ट मॉडलो की सिफारिश पार्टी या संगठन से जुडे किसी सेवादार ने की है, इन ईस्टाईलिस्ट मॉडलो तो एक खास सेवा देते है जिस कारण पी.डब्लू.डी.इन्हे पाल रहा है, जब ये स्टाईलिस्ट मॉडलो को पी.डब्लू.डी. ४-५ साल तक पाल लेगी फिर ये ईस्टाईलिस्ट मॉडलो के द्वारा ये दबाव बनाना चालू कर दिया जाता है की अब हमें परमानेंट करो और तमाम तरह के शिफारिश डलवा कर ये लोग रमानेट भी हो जावेगे, जिससे आगे चल कर एक बोझ पी.डब्लू.डी.पर आ पड़ता ये पूरी जिन्दगी बैठे बैठे ६ वे वेतन लेकर मज़ा करते है,इस तरह पी.डब्लू.डी. में अब धीरे – धीरे स्टाईलिस्ट मॉडलो का जलवा दिखना चालू हो गया है, यही हाल रहा तो आज से १० साल बाद पी.डब्लू.डी.में स्टाईलिस्ट मॉडलो ही चारो तरफ नज़र आवेगी और काम के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति होगी, जिस प्रकार कोर्ट में नियम है की जहां माननीय न्यायाधीश बैठे है, वहा पर कोई उसका रिश्तेदार प्रैक्टीस नहीं कर सकता उसी प्रकार कुछ ऐसा ही नियम बनाना चाहिये, जिससे एक ही परिवार का वर्चस्व ना रहे, और ए.आर. का पैसा सिर्फ और सिर्फ विकास कार्य में खर्च हो तभी सारागाव जैसे साईट में प्रदुषण से बचा जा सकता है. एक तस्वीर सरगाव रोड की है जहां पर किस कदर गर्दा है यह इस विडिओ में दिखाया गया है, सारागाव से आने – जाने वालो को इस गर्दा के कारण अनेक बीमारी हो रही है !

सेतु संभाग में कोटेशन का खेल

निर्माण विभाग के सेतु संभाग में १७ लाख रुपए का

कोटेशन का खेल हो गया जिस में सेतु विभाग के

उच्च अधिकारियो को मालूम होने के बाद भी कोई

कार्यवाही नहीं हुई, सब ऐसे चुप है जैसे की कुछ हुवा

ही नहीं अब मामला छत्तीसगढ़ लोक आयोग में भी चल

रहा है वही कुछ लोगो ने इसे उच्च न्यायालय बिलासपुर

ले जाने की तैयारी कर रहे है, कोटेशन का जो बाज़ीगर

है वो इतना चालू चीज है की सब इंजीनियर होते हुवे

कार्यपालन अभियंता का मज़ा ले रहे है, खुद को एक

पूर्व विधायक का रिश्तेदार बता कर सेतु संभाग में बाजीगरी

कर रहा है अपने आप को संत बताने के लिए एक संत के

भक्त होने का भी लबादा ओढे है, वैसे तो संत कभी भी किसी

को गलत काम करने को नहीं कहते पर ये बाज़ीगर बेईमानी

करने के बाद भी मुछ पे ताव देकर चलता है, जब छत्तीसगढ़

के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ऐसे लोगो के हाथ में रहेगी तो

जनता के टैक्स के पैसे का कैसे बर्बादी होगी इसकी कल्पना की

जा सकती है, वैसे निर्माण विभाग में रोज १०० शिकायत आती

है परन्तु सभी शिकायतों पर जाँच जाँच का खेल खेल कर

प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया जाता है. यदि प्रकरणों की

ईमानदारी के साथ जाँच करे तो पूरा निर्माण विभाग के अधिकारी

लपेटे में आयेगे, छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो व

छत्तीसगढ़ एंटी करपशन का आफिस प्रत्येक निर्माण संभाग के डिवीजन

में खोला जाना चाहिये जिससे निर्माण संभाग के यादव सिंग जैसे लोगो

को पकड़ा जा सकता है, छत्तीसगढ़ में यादव सिंग की तरह लगभग ४०-५०

लोग सिर्फ निर्माण विभाग में ही होगे जो की हर प्रकार के लोगो को मेनेज

करने की क्षमता रखते है, इनका कोई भी बाल बाका नहीं कर सकता उसका

उदाहरण ये है की आज तक रोज खुले आम कमीशनबाज़ी निर्माण संभाग में

होती है पर आज तक कोई जेल नहीं गया वही आज तक किसी की नोकरी तक नहीं

गई जिससे साफ़ है की छत्तीसगढ़ के यादव सिंग की पहुच बहुत ऊपर तक है.

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पी. डब्लू. डी. में कैसे आयेगा राम राज्य

रायपुर (व.सा.) । श्री नरेन्‍द्र मोदी जी अच्‍छे दिन लाने के लिये कुछ कड़े कदम उठाने की बात कही हैं,Picture 025 उस पर छत्‍तीसगढ़ शासन काम नही कर रही हैं, पी. डब्‍लू. डी. में सड़क एवं भवनों के हालत बता रहे है की पी. डब्‍लू. डी. के चलते राम राज्‍य नहीं आ सकता, क्‍योंकि एक सबइं‍जीनियर के पास दस करोड़ रुपये का काम है तो एक ‘’र्इ.ई.’’के पास दस करोड़ रुपये से कम का काम है, डॉ रमन सिंह जी ने प्रदेश के छोटे – छोटे स्‍थानों में भी संभाग कार्यालय खोल कर अच्‍छे दिन लाने की दिशा में काम किया है, इससे अन्‍य प्रदेशों से बेहत्‍तर हालात छत्‍तीसगढ़ के है पर अभी भी बहुत सारे कार्य बाकी है ।, छत्‍तीसगढ़ के सभी विभागों के साथ – साथ पी. डब्‍लू. डी. में छोटे कर्मचारी वर्षों से अंगद की तरह जमे हुये है, अधिक समय तक एक ही स्‍थान पर जमे रहने के कारण वो स्‍थानीय स्‍तर पर अपना इतना पैठ जमा लेते है की वे मनमानी करने पर आमदा हो जाता है, पी. डब्‍लू. डी. में अनेक ऐसै कर्मचारी है जो एक ही स्‍थान पर जमे रहने के कारण कर्मचारी नेता के रुप में स्‍थापित हो गये, थोड़ा सा भी प्राशासनिक कसावट लाने पर कर्मचारी नेता का चोला पहने हुये लोग आंदोलन करने की धमकी देकर छत्‍तीसगढ़ शासन को डरा देते हैं, इसी लिये छत्‍तीसगढ़ शासन नें ‘’एस्‍मा’’ कानून बनाया है पर उसे अभी ठीक ढ़ग से लागू नहीं किया, जब तक छत्‍तीसगढ़ शासन कर्मचारी नेताओं पर शिंकजा नही कसेगी तब तक प्रदेश का विकास कार्य रुक – रुक कर चलेगा, आय दिन विभिन्‍न कर्मचारी संगठनों द्वारा आंदोलन की धमकी के कारण अनेक आवश्‍यक कार्य नही होते, डॉ रमन सिंह जी को चाहिये की वे कलेक्‍टरों व एस. पी. को सख्‍त निर्देश देवे की कर्मचारी नेताओं को किसी प्रकार का कोई आंदोलन करने की शासकीय अनुमति ना देवे, पी. डब्‍लू.डी. महासमुन्‍द डिवीजन में अंगद की तरह जमे कर्मचारियों के चलते करोडो़ रुपये की अनियमिता उजागर हुई है इस पर कार्यावाही होना चाहिये पर करे तो करे क्‍या, हम अपना राष्‍ट्रीय कर्तव्‍य निभाते हुये देश के देशभक्‍तों नागरिकों को महासमुन्‍द पी. डब्‍लू. डी. डिवीजन के अनियमिता को उपजागर कर रहे है जिससे जनता जाने व जागे की किस तरह उसके द्वारा दिये गये टैक्‍स के रकम की बर्बादी कैसे हो रही है,,Picture 026

पाठक अपना राय अवश्‍य देवे ।                       

रायपुर से बलौदाबाजार रोड में धूल व गर्दा से परेशान ग्रामीण नागरिक

रायपुर से बलौदाबाजार रोड में धूल व गर्दा से परेशान ग्रामीण नागरिक

 

रोज लगभग रायपुर से बलौदाबाजार रोड में लगभग 1 लाख ग्रामीण नागरिक आना - जाना करते है जिनको जहरीले धूल - गर्दा को सहना पड रहा है कई बार शिकायत करने के बाद भी जहरीले धूल व गर्दा से मुक्ति नहीं मिल रही है, पी. डब्लू डी के ठेकेदार के द्वारा पानी का टैंकर चलाना चाहिए पर वो पानी का टेंकर से छिड़काव नहीं करवाते जिस कारण रोड के धूल व गर्दा खेत में जा रहा है.

अभी रायपुर से बलौदाबाजार रोड को कम से कम 2 साल लगेगा बनने में इस 2 साल में किसानों की खेती की बर्बादी की जिम्मेदारी कोन लेगा इतना ही नहीं रोज सैकड़ो ग्रामीण एलर्जी जन्य रोग से ग्रसित हो रहे है, ठेकेदार के द्वारा ग्रामीणों के तालाब का पानी रोड बनने के लिए लेने से गॉव के तालाब सुख रहे है.जब कोई वी. आई. पी. आते है तो दिखाने के लिए पानी के टैंकर से छिड़काव कर दिया जाता है। रायपुर से बलौदाबाजार रोड में धूल व गर्दा का मामला विधानसभा में भी उठा पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, स्थानीय ग्रामीण बहुत जल्दी आंदोलन करने की घोषना करने वाले है.

पी. डब्लू . डी. में कालाधन

 

पी. डब्‍लू. डी. में कालाधन 111KARAVASA

 

रायपुर (व.सा.) । पी. डब्‍लू. डी. में कालाधन धारकों का जलवा हैं, 20 लाख रुपये तक के काम टेण्‍डर ‘’मैनेज टेण्‍डर’’ के रुप में जाने – माने जाते है, जिसमें उन वी. वी आई. पी. लोगों से संबद्ध लोगों के चहते रहते है उन्‍हें उपकृत करने के लिए कार्यदेश जारी किया जाता है ऐसी आम चर्चा सिरपुर भवन, रायपुर में सुनने को मिलती है,परन्‍तु पी. डब्‍लू. डी. के भाग्‍य विधाता इस आरोप व चर्चा को निराधार मानते है, पी. डब्‍लू. डी. के भाग्‍यविधाताओं की माने तो सब कुछ नियम व कायदे कानून के अन्‍दर होता है पर यह बात समझ नहीं आती की क्‍या कारण है कि पी. डब्‍लू. डी. के ठेकेदारों में से मात्र 10 से 20 ठेकेदार है जिन्‍हें अधिकाश काम मिलता है, बाकी ठेकेदार मूंगफली खाते हुए इधर – उधर भटकते रहते हैं, जबकि पी. डब्‍लू. डी. के कई छोटे – छोटे कर्मचारियों ने अपने बच्‍चों के नाम पर ठेकेदार कर करोड़ों रुपयें का काम कर मुनाफखोरी कर रहे हैं, छत्‍तीसगढ़ राज्‍य में भ्रष्‍टाचार को खत्‍म करने के लिये ‘’अई. वो डब्‍लू’’ व ‘’छत्‍तीसगढ़ लोक आयोग’’ है पर इनका काम करने का तरीका इतना धीरे – धीरे है की कुछ भी कार्यवाही नजर नहीं आती । जबकि पी. डब्‍लू. डी. के अधिकाश भाग्‍यविधाता के पास अरबो – खरबों की काली कायनात है, कुछ लोग जरुर ईमानदार है पर उनकी कोई नही सुनता, पी. डब्‍लू. डी.के भाग्‍यविधाताओं ने इतनी दौलत कामा ली है की वे अपने आपको इस सिस्‍टम से ऊपर समझ रहे है, हम पी. डब्‍लू. डी. के महासमुन्‍द डिवीजन के कुछ तकनीकी एवं वित्तिय कार्यों का अवलोकन किया तो उसमें पाया की शासन ने जो नियम व कायदे कानून बनाये है उसके जुदा है, परन्‍तु उसके बाद भी किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती, क्‍यो बार – बार वित्तिय अधिनियमों की अवमानना करने के बाद भी खुल्‍लम – खुला कदाचारी लोकसेवक घूम रहें है, अगर पी. डब्‍लू. डी. के भाग्‍यविधाता किसी भी वित्तिय नियम को नहीं मानना चाहते तो फिर क्‍यो शासकीय सस्‍म आदायगी के नाम पर नाटक कर रहे है । हमारा राष्‍ट्रीय कर्तव्‍य है की जनता के टैक्‍स से होने वालों निमार्ण कार्यों पर जो वित्तिय नियम बनाये गये है उसे सार्वजनिक करना जिससे आम जनता जाने की किसी तरह उन्‍हें भाग्‍यविधाता उसके साथा व्‍यवहार कर रहे है, अब उन्‍हे समझना होगा की वे आगे क्‍या चाहते है, परन्‍तु पी. डब्‍लू. डी. महासमुन्‍द में जो हो रहा है वो नियम विरुद्ध हैं ।

रुपये की परिहार्य अतिरिक्त भुगतान. अतिरिक्त कोलतार की खपत के लिए 17.48 लाख (CRMB)

पैकेज में सड़क कार्य के लिए अनुमान में निष्पादन मद के लिए दर -9 15.4.05 से में बल पर तैयार किया गया था

सामान्य हालत के अनुसार नहीं. एसओआर (अप्रैल) अर्द्ध घने बिटुमिनस कंक्रीट के आइटम के लिए दरों का 17; सबूत बिटुमिनस रोड़ी इन मदों में दी कोलतार प्रतिशत के आधार पर कर रहे हैं. नौकरी मिश्रण सूत्र लाख प्रति के रूप में आवश्यक अतिरिक्त कोलतार को ध्यान में रखा जा सकता है और उनकी निविदा दरों में ठेकेदारों द्वारा समायोजित किया जा. कोई अतिरिक्त / अलग भुगतान इस खाते पर किया जाएगा.

विभाग एसओआर की दरों लिया लेकिन एनआईटी दस्तावेज / समझौते के एक भाग के रूप में एसओआर की सामान्य शर्त शामिल नहीं है, हालांकि आदि बोली दस्तावेज / अनुमानों की तैयारी करते हुए.

 

माप किताब की जांच के दौरान यह रुपये खुल गया था. रुपये के दावे के खिलाफ भुगतान 11.17 लाख. 17.48 लाख (बिल एमबी नहीं. 827 पेज नं. 97-99) कोई आइटम पर सीआरएम बी की अतिरिक्त मात्रा की खपत पर भुगतान किया गया था. 4.5 25 मिमी नीचे विस्तृत रूप में अर्द्ध घने बिटुमिनस कंक्रीट प्रदान: -

आईपीसी 5662.20 सह 20 घंटे तक का समय SDBC की कुल मात्रा
अतिरिक्त मात्रा 53.873 मीट्रिक टन (एम बी 827 / पी 97)
अतिरिक्त मात्रा रुपये 17.48 लाख (एम बी 827 / पी 97) के लिए किया गया भुगतान

 

15.4.05 से प्रभावी के साथ - (चतुर्थ मद 4.10. अध्याय) ऊपर कहा मद के लिए अनुमान एसओआर के आधार पर तैयार किया गया था. हालांकि कारण एसओआर की सामान्य दशा रुपये की परिहार्य अतिरिक्त भुगतान करने के लिए गैर संज्ञान लिए. 17.48 लाख विभाग द्वारा कोलतार की अतिरिक्त मात्रा की खपत पर ठेकेदार को भुगतान किया गया था.

 

 

इसके अलावा यह पर्यवेक्षण सलाहकार एम / एस कार्ल भाई के परिशिष्ट ए (टीओआर) के अनुसार, सलाहकार करार के कार्यान्वयन के दौरान आवश्यक सभी इंजीनियरिंग में निर्णय करेगा कि यहां उल्लेख करना प्रासंगिक है. हालांकि, पर्यवेक्षण सलाहकार अतिरिक्त आइटम, रकम या लागत और नई दरों के निर्धारण सहित दरें और कीमत के रूपांतरों की मंजूरी के संबंध में नियोक्ता के पूर्व अनुमोदन की तलाश करेगा

 

आगे खंड 2.3.3.1 के अनुसार (अध्याय -2) - सामान्य दृष्टिकोण और सलाहकार समझौते सलाहकार की कार्यप्रणाली स्वीकार्य मानदंडों और मानकों के अनुसार उचित देखभाल और परिश्रम के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, के तहत इंजीनियर के रूप में उन में निहित शक्तियों का प्रयोग सीधे परियोजना निदेशक को परामर्श अनुबंध और रिपोर्ट पीआईयू .

 

 

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रुपये की परिहार्य अतिरिक्त भुगतान. अतिरिक्त कोलतार की खपत के लिए 17.48 लाख (CRMB)

पैकेज में सड़क कार्य के लिए अनुमान में निष्पादन मद के लिए दर -9 15.4.05 से में बल पर तैयार किया गया था

सामान्य हालत के अनुसार नहीं. एसओआर (अप्रैल) अर्द्ध घने बिटुमिनस कंक्रीट के आइटम के लिए दरों का 17; सबूत बिटुमिनस रोड़ी इन मदों में दी कोलतार प्रतिशत के आधार पर कर रहे हैं. नौकरी मिश्रण सूत्र लाख प्रति के रूप में आवश्यक अतिरिक्त कोलतार को ध्यान में रखा जा सकता है और उनकी निविदा दरों में ठेकेदारों द्वारा समायोजित किया जा. कोई अतिरिक्त / अलग भुगतान इस खाते पर किया जाएगा.

विभाग एसओआर की दरों लिया लेकिन एनआईटी दस्तावेज / समझौते के एक भाग के रूप में एसओआर की सामान्य शर्त शामिल नहीं है, हालांकि आदि बोली दस्तावेज / अनुमानों की तैयारी करते हुए.

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रुपये की परिहार्य अतिरिक्त भुगतान. अतिरिक्त कोलतार की खपत के लिए 17.48 लाख (CRMB)

पैकेज में सड़क कार्य के लिए अनुमान में निष्पादन मद के लिए दर -9 15.4.05 से में बल पर तैयार किया गया था

सामान्य हालत के अनुसार नहीं. एसओआर (अप्रैल) अर्द्ध घने बिटुमिनस कंक्रीट के आइटम के लिए दरों का 17; सबूत बिटुमिनस रोड़ी इन मदों में दी कोलतार प्रतिशत के आधार पर कर रहे हैं. नौकरी मिश्रण सूत्र लाख प्रति के रूप में आवश्यक अतिरिक्त कोलतार को ध्यान में रखा जा सकता है और उनकी निविदा दरों में ठेकेदारों द्वारा समायोजित किया जा. कोई अतिरिक्त / अलग भुगतान इस खाते पर किया जाएगा.

विभाग एसओआर की दरों लिया लेकिन एनआईटी दस्तावेज / समझौते के एक भाग के रूप में एसओआर की सामान्य शर्त शामिल नहीं है, हालांकि आदि बोली दस्तावेज / अनुमानों की तैयारी करते हुए.

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