24 September 2017
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मुख्यालय से नदारत पी.डब्लू.डी. बलौदाबाजार के अनेक इंजीनियर

पी.डब्लू.डी.बलौदाबाजार के अनेक ऐसे इंजीनियर व् कर्मचारी है जो की अपने मुख्यालय से नदारत रहते है जिस की अनेक बार शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं होती डॉ रमन सिंह को चाहिये की एक ऐसा आदेश निकले की पी.डब्लू.डी. के अधिकारियो के वर्तमान निवास को सार्वजनिक किया जाये, जिससे की पी.डब्लू.डी.के अधिकारियो के कार्यप्रणाली को आम नागरिक पारदर्शिता से जान सके, हमने पी.डब्लू.डी.के मुख्यालय से नदारत अधिकारी के बारे में पता लगाया तो पता की पूरे प्रदेश में अधिकाश पी.डब्लू.डी. इंजीनियर अपने मुख्यालय से बाहर रह कर अपना कोई व्यापार करते है, BEIMANI

 

 

जिन सब इंजीयर के पास काम नहीं है उनको कलेक्टर प्लस पोलियो, परीक्षा, जनगणना, सफाई अभियान में लगाया जावे, वही कुछ कर्मचारी नेताओ को भी कड़ा काम दिया जावे, गौरीशंकर अग्रवाल को भी चाहिये की वो बलौदाबाजार जिले के अधिकारियो को मुख्यालय में रहने के लिए आदेश देवे, गौरीशंकर अग्रवाल को मालूम होना चाहिए की उनके यहाँ भी कई यादव सिंह पल रहा है, गौरीशंकर अग्रवाल अपने क्षेत्र पी.डब्लू.डी. के यादव सिंह को बर्खास्त करे, ये बकायदा ऑफिस में सिगरेट पीकर काम करते है वही लाखो रुपए का कोटेशनबाजी कर चुके है, बलौदाबाजार के यादव सिंह तो खुले आम छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो व एंटी करप्शन व आयकर विभाग की कार्य प्रणाली की खिल्ली उड़ाते है,

  

EOWWWWWWWWWWWडॉ.रमन सिह को चाहिए के वे प्रत्येक ब्लाक स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो व एंटी करप्शन को फुलफेल्श ऑफिस खोले तथा छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो व एंटी करप्शन को अधिकार हो की वो किसी बेईमान लोक सेवको को गिरफ्तार कर हाथ में हथकड़ी व पैर में बेली बाध कर शहर भर में पैदल चलाकर के जेल भेजा जावे. जिससे पी.डब्लू.डी.में बेईमानी खत्म होगी और पी.डब्लू.डी.में ईमानदारी व पारदर्शिता, जवाबदेही की भावना बढ़ेगी, डॉ.रमन सिह को चाहिए की वो अधिकारियो की सभी बैठक को सार्वजनिक तौर पर करे वही पी.डब्लू.डी.में 3 साल से अधिक एक ही स्थान में पदस्थ लोकसेवको को 150 किलो से दूर अन्य किसी स्थान में पदस्थ करे वही सभी का चल – अचल सम्पति का ब्यौरा नेट पर डाले जिससे पी.डब्लू.डी.की बेईमानी पर विराम लग सके,

 

पोस्टिंग का आधार जनता से विचार मांग कर किया जाना चाहिये जब जनता अपने पसंद के अधिकारियो को लायेगी तो फिर जनता को शिकायत करने का मौका नही मिलेगा, पी.डब्लू.डी.में जिन लोक सेवको के यहाँ छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो व एंटी करप्शन का छापा पड़ा है उनके चालानी कार्यवाही को पूर्ण कर उनको मलाईदार पद से हटाया जावे, पी.डब्लू.डी. में कुछ चापलूस लोग अपने परिवार के अनेक सदस्यों को भी किसी ना किसी डिविजन व सब डिविजन में डेली विजेश के आधार से नाम लिखवा कर पैसा उठा रहे है, कुछ लोगो का दावा है की डेली विजेश भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा कारण है, कुछ डेली विजेश के लोग की कातिल अदा प्रियका चोपड़ा से ज्यादा है वो अपने मन से आते है और अपने मन से जाते है, ऑफिस तो घर से निकलने का बहाना है ऑफिस में ज्यादा समय फेशबुक व व्हाटएप्स में गुजार देते है, इस पर कुछ आला अधिकारियो का संरक्षण है तभी तो दिया तले अंधेला है.

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की कार्य शैली हो पारदर्शी

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में छत्तीसगढ़ के रिक्त पदों के नियुक्ति व पदोन्नति के लिए अपनाये जाने वाली प्रकियाओ को पारदर्शी करने की आवश्यकता है, जब उत्तर प्रदेश में योगी जी के द्वारा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की नियुक्त की जाँच कर अपात्र लोगो को सेवा समाप्ति की जा रही है जो स्वागत योग्य है पर एक रोमियो रेंजर जिसके पास करोडो रुपए की अकूत सम्पति है उसके द्वारा आधी-अधूरी जानकारी दिए जाने के बाद भी उस रोमियो रेंजर को शासन के कुछ कामुक आला अधिकारी उसे एस.डी.ओ.बनाने के लिए राजनैतिक एप्रोच लगाये है. raman-50

 

 

रोमियो रेंजर जो की हर साल प्रापर्टी खरीदता है उसको उसकी सम्पति की जाँच किये बैगर कैसे रोमियो रेंजर को एस.डी.ओ.बनाया जा सकता है, जबकि उसने करोड़ो रुपए के इन्सुरेंस पालिसी, बांड, शेयर खरीदे है, इस रोमियो रेंजर का हौसला इतना बुलंद है की वो विशिल ब्लोअर को झूठे केस में फ़साने की धमकी तक देता है और मदिरा पीकर गन्दी गन्दी गाली देता है, जिसका जल्द ही वाईस रिकॉर्ड सार्वजनिक होगा, जबकि सब जानते है की इनका नर्सरी का करोड़ों का कारोबार था, छत्तीसगढ़ शासन, पी.सी.सी.एफ., छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में शिकायत जाने के बाद भी सब चुप बैठे है, एक तरफ योगी जी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बेईमानी और भ्रष्टाचार को जड़ से उखड़ कर फेक रहे है तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के कार्य शैली ऐसी है जिसका कोई जवाब नहीं है,

 

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से सूचना के अधिकार के तहत ये जानकारी माँगी गई थी की गत वर्ष जो ए.सी.एफ.के परीक्षा में परीक्षा हाल में ड्यूटी लगे अधिकारियो व कर्मचारियो के नाम, पद नाम, थम्ब इम्प्रेशन तथा प्रवेश पत्र मागी गई थी जिसे जनसूचना अधिकारी, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने यह कह कर जानकारी देने से इनकार कर दी की ये लोकहित से संबधित नहीं है, वही जबकि पूर्व में कितने मुन्ना भाई के प्रकरण हुये है जल्द ही इस मामले पर माननीय हाई कोर्ट से जाँच करवाने के लिए पिटीशन पेश किया जावेगा. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के विरुद्ध पूर्व में कितने प्रकरण अदालतों में चल रहे है,

गजब की बीजेपी,गजब का परिवारवाद

हमारे देश मे भाजपा और उससे जुडे संगठन परिवारवाद का विरोध करते है।लेकिन यह परिवारवाद उन्हें सिर्फ वहाँ दिखाई देता है जहाँ दूसरा उनसे सहमत न हो।अपने संगठन और उनसे जुड़े संगठन पर यह दोहरा चरित्र अपनाते है।आईये इनके परिवारवाद के चरित्र को देख लेते है-

१.डा. रमनसिंह मुख्यमंत्री छग ---पुत्र अभिषेक सिह सांसद राजनांदगांव छत्तीसगढ़।

२.मुरली मनोहर जोशी---दामाद शहनवाज हुसैन पूर्व मंत्री।

३स्व.अशोक सिंहल----भतीजी दामाद मुख्तार अब्बास नकवी मंत्री मोदी सरकार(लव जेहाद)।

४प्रमोद महाजन ----बहनोई गोपीनाथ मुंडे मंत्री।

५.पूनम महाजन सांसद मुंबई----- पिता प्रमोद महाजन।

६.पंकजा मुंडे मंत्री महाराष्ट्र ----- पिता गोपीनाथ मुंडे।

७.बाल ठाकरे----पुत्र उध्दव ढाकरे ----पोता आदित्य ठाकरे----भतीजा राज ठाकरे।

८.एकनाथ खडसे पूर्व नेता विपक्ष महाराष्ट्र(दाऊद से करांची बात करने वाले) ----पत्नी शालिनी खडसे राज्य मंत्री तथा पुत्रवधु भी है।

९.राजनाथ सिह -----पंकज सिंह प्रदेश पदाधिकारी उप्र भाजपा।

१०.कल्याण सिहं पूर्व सीएम उप्र-----पुत्र राजवीर सिंह विधायक रह चुके।

११.मेनका गांधी(पत्नी संजय गांधी)मंत्री मोदी सरकार---वरूण गांधी सांसद सुल्तानपुर।

१२.यशवंत सिन्हा----पुत्र जयंत सिन्हा वित्त राज्य मंत्री मोदी सरकार।

१४.नवजोतसिंह सिद्धू सांसद-----पत्नी नवजोत कौर सिद्धू विधायक अमृतसर।

१५.मुफ्ती स ईद सीएम कश्मीर-----पुत्री मेहबूबा मुफ्ती सीएम कश्मीर।

१६. प्रकाश सिंह बादल सीएम पंजाब ---पुत्र सुखबीर बादल उप मुख्य मंत्री पंजाब ---पुत्रवधु हरसिमत कौर मंत्री मोदी सरकार---भाई मनप्रीत बादल पूर्व मंत्री पंजाब।

१७.जसवंत सिहं(मसूद अजहर को छोडने अफगानिस्तान तक गये)----पुत्र मानवेन्द्र सिंह पूर्व सांसद बाडमेर।

१८.राजमाता विजया राजे सिंधिया---पुत्री वसुंधरा राजे सीएम राजस्थान नाति दुष्यंत सिंह सांसद झालावाड --पुत्री यशोधरा राजे सिंधिया मंत्री मप्र।

१९राम विलास पासवान मंत्री मोदी सरकार ----पुत्र चिराग पासवान सांसद।

२०.सुंदरलाल पटवा पूर्व सीएम----भतीजा सुरेन्द्र पटवा मंत्री मप्र।

२१.कैलाश जोशी ----पुत्र दीपक जोशी मंत्री मप्र।

२२. सखलेचा पूर्व सीएम---पुत्रो ओम सखलेचा विधायक।

२३.लक्ष्मी नारायण पांडे ९बार सांसद मंदसौर---राजेन्द्र पांडे विधायक जावरा।

२४.दिलीप सिंह भूरिया पूर्व सांसद झाबुआ ---पुत्री निर्मला भूरिया विधायक पेटलावाद।

२५.विक्रम वर्मा पूर्व सांसद ---पत्नी नीना वर्मा विधायक धार।

२६.जितेन्द्र सिंह सोलंकी पूर्व विधायक बडवाह ----भाई हितेंद्र सिंह सोलंकी विधायक बडवाह।

२७.कैलाश विजयवर्गीय ---पुत्र आकाश विजयवर्गीय,नरेन्द्र तोमर ---पुत्र देवेन्द्र सिंह तोमर तथा गोपाल- भार्गव ---अभिषेक भार्गव ये तीनो पुत्ररत्न मप्र राज्य उपभोक्ता के सदस्य है।

२८.निर्भय सिंह पटेल पूर्व मंत्री ----पुत्र मनोज पटेल विधायक देपालपुर इंदौर।

२९.फूलचंद वर्मा पूर्व सांसद शाजापुर----राजेन्द्र वर्मा विधायक सोनकच्छ।

३०.गोविन्द नारायण सिंह पूर्व सीएम --- पुत्र हर्ष सिंह विधायक रामपुर बघेलान ---पुत्र ध्रुव नारायण सिंह पूर्व विधायक भोपाल मध्य।

३१.कैलाश सांरग पूर्व सांसद --- पुत्र विश्वास सारंग विधायक नरेला भोपाल।

३२.नारायण प्रसाद गुप्ता पूर्व सांसद -----नाती उमाशंकर गुप्ता मंत्री एवं विधायक दक्षिण पश्चिम भोपाल।

३३.बाबूलाल गौर मंत्री एवं विधायक गोविन्दपुरा भोपाल----पुत्रवधु कृष्णा गौर पूर्व महापौर भोपाल

३४.लक्ष्मण गौड पूर्व विधायक इंदौर -----पत्नी मालिनी गौड विधायक इंदौर।

३५.महराज तुकोजीराव देवास पूर्व मंत्री---महारानी गायत्री देवी विधायक देवास।

३६कमल पटेल पूर्व मंत्री हरदा---पुत्रवधुआशा संदीप पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष हरदा।

३७.विजय खंडेलवाल पूर्व सासंद बैतूल----पुत्र हेमंत खंडेलवाल पूर्व सांसद बैतूल।

३८.विजय शाह मंत्री एवं विधायक हरसूद---पत्नी भावना शाह महापौर खंडवा ---भाई संजय शाह विधायक टिमरनी हरदा।

३९.मिश्रा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष----पुत्री अर्चना चिटनिस पूर्व मंत्री एवं विधायक।

४०.सीताशरण शर्मा विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक होशंगाबाद----भाई गिरिजाशंकर शर्मा पूर्व विधायक इटारसी।

४१.प्रहलाद पटेल सांसद दमोह ----भाई जालम सिंह पटेल विधायक


अब जमीनी कार्यकर्ता का शोषण बन्द करने के मुहीम का शुभारभ हो गया है।
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चमचागिरी बंद हो !
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१. सभी पार्टियों के जमीनी कार्यकर्ता एक दूसरे से स्नेह रखाना चालू करे।
२. जब सभी पार्टियों के कुछ बड़े बेईमान नेता आपस में अंदर ही अंदर मिले हुवे है तो फिर जमीनी कार्यकर्ता को आपस में बैर क्यों रखना चाहिए।
३.जमीनी कार्यकर्ताओ पर यदि पुलिस मुक़दमा दर्ज करती है तो पार्टी उनके परिवार को आजीवन पाले।
४.जमीनी कार्यकर्ताओ का अधिकार तय हो, जमीनी कार्यकर्ताओ की मंसा से उनके इलाके के अधिकारियो की पोस्टिंग हो।
५. जो एक बार विधायक, सांसद , पार्सद या निगम , मंडल का पद प्राप्त कर लिया है उसे दुबारा लाभ व् सम्मान का पद नहीं मिलाना चाहिए।
६. चुने हुए प्रतिनिधि जमीनी कार्यकर्ताओ के मंशा से कार्य और दौरा करे ,
;;;; न की अपनी मर्जी से।
७. परिवारवाद खत्म हो तथा एक परिवार के एक सदस्य को ही पद में रखा जावे।
८.पार्टियों को मिलने वाला चन्दा का हिसाब सभी जमीनी कार्यकर्ताओ को सार्वजनिक तौर से बताया जावे।
९.पार्टियों के बैनर, पोस्टर में सभी का फोटो बराबर साइज में छपे।
१०. यदि कोई किसी से चुपके से कोई लाभ लेता है तो लाभ लेने और देने वालो को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जावे।
११. पार्टी को क्या करना है क्या नहीं ये जमीनी कार्यकर्ता
तय करेंगे, कार्यक्रम जमीनी कार्यकर्ता तय करे नेता उनको फॉलो करेंगे तभी भारत में असली लोकतंत्र आवेगा।

चलो सभी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता बेईमानो से पार्टीयो को आज़ादी दिलाने के लिए एक होकर भारत को मजबूत बनाए।

रायपुर में प्रति माह बन रहा १ हजार करोड़ का कालाधन

रायपुर में अभी कालाधन बनने का सिलसिला चालू है, क्योकि छत्तीसगढ़ शासन के कुछ विभाग में बिंदास होकर रिश्वतखोरी तो चल ही रही है, जिस कारण सिर्फ रायपुर में प्रति माह १ लगभग हजार करोड़ रुपए का कालाधन बन रहा है, देश के अंदर का कालाधन को जप्त करने का कानून तो कागज में बन गया परन्तु अभी भी कालाधन धारक बिंदास होकर सरकारी गाड़ी में कालाधन लेकर घूम रहे है, सिर्फ राजनांदगांव के एक पी.डब्लू.डी.के लोकसेवक अपने गाड़ी में हमेशा ४-७ लाख रुपए का कालाधन लेकर चलते है, यदि सरकार में हिम्मत है तो राजनांदगांव के उस पी.डब्लू.डी. के लोकसेवक की गाड़ी को जाँच करके देख ले यही हाल वन विभाग के दुर्ग के एक लोक सेवक का है, जो की हमेशा सूटकेश में लाखो रुपए का कालाधन का केस लेकर चलता है, अगर हिम्मत है तो कालाधन को सरकार पकड लेवे, धमतरी के एक लोकसेवक भी अपने सूटकेश में कालाधन लेकर चलते है, इसी तरह अनेक लोकसेवक है जो अपने गाड़ी में खुले आम कालाधन लेकर चलते है, सरकार पहले अपने विभाग के कालाधन धारको को पकडे बाद में व्यापारियों को कालाधन जमा करने के लिए बोले क्योकि सरकारी आदमी को ज्यादा व पहले कालाधन को सलेंडर करना चाहिए, रायपुर के १००० लगभग लोग के पास १००० करोड़ रुपए से ज्यादा का कालाधन है जो विभिन्न प्रचलित तरीके से कालाधन धन रखे है, जिसको सरकार चाहे तो पकड लेवे, रायपुर शहर के सिर्फ देवेन्द्र नगर में कई ऐसे लोग है जिसके पास कालाधन है वो चर्चा में है, वही रायपुर के सिविल लाइन में रहने वाले कुछ २० लोगो के पास भी अकूत सम्पति है, जिसे पूरा छत्तीसगढ़ के सभी जागरूक नागरिक जानते है पर कोई कार्यवाही नहीं होती, सिर्फ छोटी मछली को ही पकड़ा जाता है, बडे मगरमच्छ को सरकार नहीं पकडती जबकि कुछ बडे मगरमच्छ के पास १० हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की सम्पति है, सिर्फ रायपुर शहर के कुछ नेता के पास ही हजारो – हजार करोड़ रुपए की सम्पति है, मगर उसके लिए आख बंद कर लिया जाता है,

          यदि सभी बडे कम्पनी के बैंक के खातो को सार्वजनिक कर दे तो एक दिन में देश के अंदर का कालाधन बाहर आ जावेगा क्योकि सुरक्षा कारण का बहाना बना कर कालाधन धारक जाँच कर्ता अधिकारी के साथ साठ–गाठ अपना कालाधन को बचा लेते है वही सिस्टम को अधिक से अधिक पारर्द्शी बनाना होगा जब तक सिस्टम पारदशी नहीं होगा कालाधन को जप्त नहीं किया जा सकता, इसके लिए छत्तीसगढ़ के हर वार्ड व ब्लाक में एंटी करप्शन का ऑफिस खोलना जरुरी है, जिसकी नियुक्ति और बर्खास्थगी का अधिकार जनता के पास हो जनता तय करे किसके यहाँ आयकर विभाग छापा मारे तब

वाकई में कालाधन बाहर आवेगा तभी असली लोक तंत्र होगा, अभी तो सारे अधिकार जिन लोगो के पास है वो लोग नहीं चाहते की बेईमानी बंद होवे, चुकि अभी चारो तरफ से राजनैतिक मैदान में घिर चुके इसलिए अपनी नाक बचने के लिए बीच का रास्ता निकालने का नाटक किया गया है, छत्तीसगढ़ के कालाधन धारको के बिंदासी बता रही है की उन्हे किसी कानून से कोई डर नहीं है, आज भी डंके की चोट पर बिना बिल का मॉल दिल्ली और मुम्बुई, कलकत्ता, मद्रास से आ रहा है और हवाला के जरिये पेमेंट हो रहा है.-www.vafadarsaathi.com

गजब की बीजेपी,गजब का परिवारवाद

हमारे देश मे भाजपा और उससे जुडे संगठन परिवारवाद का विरोध करते है।लेकिन यह परिवारवाद उन्हें सिर्फ वहाँ दिखाई देता है जहाँ दूसरा उनसे सहमत न हो।अपने संगठन और उनसे जुड़े संगठन पर यह दोहरा चरित्र अपनाते है।आईये इनके परिवारवाद के चरित्र को देख लेते है-

१.डा. रमनसिंह मुख्यमंत्री छग ---पुत्र अभिषेक सिह सांसद राजनांदगांव छत्तीसगढ़।

२.मुरली मनोहर जोशी---दामाद शहनवाज हुसैन पूर्व मंत्री।

३स्व.अशोक सिंहल----भतीजी दामाद मुख्तार अब्बास नकवी मंत्री मोदी सरकार(लव जेहाद)।

४प्रमोद महाजन ----बहनोई गोपीनाथ मुंडे मंत्री।

५.पूनम महाजन सांसद मुंबई----- पिता प्रमोद महाजन।

६.पंकजा मुंडे मंत्री महाराष्ट्र ----- पिता गोपीनाथ मुंडे।

७.बाल ठाकरे----पुत्र उध्दव ढाकरे ----पोता आदित्य ठाकरे----भतीजा राज ठाकरे।

८.एकनाथ खडसे पूर्व नेता विपक्ष महाराष्ट्र(दाऊद से करांची बात करने वाले) ----पत्नी शालिनी खडसे राज्य मंत्री तथा पुत्रवधु भी है।

९.राजनाथ सिह -----पंकज सिंह प्रदेश पदाधिकारी उप्र भाजपा।

१०.कल्याण सिहं पूर्व सीएम उप्र-----पुत्र राजवीर सिंह विधायक रह चुके।

११.मेनका गांधी(पत्नी संजय गांधी)मंत्री मोदी सरकार---वरूण गांधी सांसद सुल्तानपुर।

१२.यशवंत सिन्हा----पुत्र जयंत सिन्हा वित्त राज्य मंत्री मोदी सरकार।

१४.नवजोतसिंह सिद्धू सांसद-----पत्नी नवजोत कौर सिद्धू विधायक अमृतसर।

१५.मुफ्ती स ईद सीएम कश्मीर-----पुत्री मेहबूबा मुफ्ती सीएम कश्मीर।

१६. प्रकाश सिंह बादल सीएम पंजाब ---पुत्र सुखबीर बादल उप मुख्य मंत्री पंजाब ---पुत्रवधु हरसिमत कौर मंत्री मोदी सरकार---भाई मनप्रीत बादल पूर्व मंत्री पंजाब।

१७.जसवंत सिहं(मसूद अजहर को छोडने अफगानिस्तान तक गये)----पुत्र मानवेन्द्र सिंह पूर्व सांसद बाडमेर।

१८.राजमाता विजया राजे सिंधिया---पुत्री वसुंधरा राजे सीएम राजस्थान नाति दुष्यंत सिंह सांसद झालावाड --पुत्री यशोधरा राजे सिंधिया मंत्री मप्र।

१९राम विलास पासवान मंत्री मोदी सरकार ----पुत्र चिराग पासवान सांसद।

२०.सुंदरलाल पटवा पूर्व सीएम----भतीजा सुरेन्द्र पटवा मंत्री मप्र।

२१.कैलाश जोशी ----पुत्र दीपक जोशी मंत्री मप्र।

२२. सखलेचा पूर्व सीएम---पुत्रो ओम सखलेचा विधायक।

२३.लक्ष्मी नारायण पांडे ९बार सांसद मंदसौर---राजेन्द्र पांडे विधायक जावरा।

२४.दिलीप सिंह भूरिया पूर्व सांसद झाबुआ ---पुत्री निर्मला भूरिया विधायक पेटलावाद।

२५.विक्रम वर्मा पूर्व सांसद ---पत्नी नीना वर्मा विधायक धार।

२६.जितेन्द्र सिंह सोलंकी पूर्व विधायक बडवाह ----भाई हितेंद्र सिंह सोलंकी विधायक बडवाह।

२७.कैलाश विजयवर्गीय ---पुत्र आकाश विजयवर्गीय,नरेन्द्र तोमर ---पुत्र देवेन्द्र सिंह तोमर तथा गोपाल- भार्गव ---अभिषेक भार्गव ये तीनो पुत्ररत्न मप्र राज्य उपभोक्ता के सदस्य है।

२८.निर्भय सिंह पटेल पूर्व मंत्री ----पुत्र मनोज पटेल विधायक देपालपुर इंदौर।

२९.फूलचंद वर्मा पूर्व सांसद शाजापुर----राजेन्द्र वर्मा विधायक सोनकच्छ।

३०.गोविन्द नारायण सिंह पूर्व सीएम --- पुत्र हर्ष सिंह विधायक रामपुर बघेलान ---पुत्र ध्रुव नारायण सिंह पूर्व विधायक भोपाल मध्य।

३१.कैलाश सांरग पूर्व सांसद --- पुत्र विश्वास सारंग विधायक नरेला भोपाल।

३२.नारायण प्रसाद गुप्ता पूर्व सांसद -----नाती उमाशंकर गुप्ता मंत्री एवं विधायक दक्षिण पश्चिम भोपाल।

३३.बाबूलाल गौर मंत्री एवं विधायक गोविन्दपुरा भोपाल----पुत्रवधु कृष्णा गौर पूर्व महापौर भोपाल

३४.लक्ष्मण गौड पूर्व विधायक इंदौर -----पत्नी मालिनी गौड विधायक इंदौर।

३५.महराज तुकोजीराव देवास पूर्व मंत्री---महारानी गायत्री देवी विधायक देवास।

३६कमल पटेल पूर्व मंत्री हरदा---पुत्रवधुआशा संदीप पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष हरदा।

३७.विजय खंडेलवाल पूर्व सासंद बैतूल----पुत्र हेमंत खंडेलवाल पूर्व सांसद बैतूल।

३८.विजय शाह मंत्री एवं विधायक हरसूद---पत्नी भावना शाह महापौर खंडवा ---भाई संजय शाह विधायक टिमरनी हरदा।

३९.मिश्रा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष----पुत्री अर्चना चिटनिस पूर्व मंत्री एवं विधायक।

४०.सीताशरण शर्मा विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक होशंगाबाद----भाई गिरिजाशंकर शर्मा पूर्व विधायक इटारसी।

४१.प्रहलाद पटेल सांसद दमोह ----भाई जालम सिंह पटेल विधायक

BAKI AAP MERE SE JYADA JANTEY HAI
अब जमीनी कार्यकर्ता का शोषण बन्द करने के मुहीम का शुभारभ हो गया है।
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चमचागिरी बंद हो !
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१. सभी पार्टियों के जमीनी कार्यकर्ता एक दूसरे से स्नेह रखाना चालू करे।
२. जब सभी पार्टियों के कुछ बड़े बेईमान नेता आपस में अंदर ही अंदर मिले हुवे है तो फिर जमीनी कार्यकर्ता को आपस में बैर क्यों रखना चाहिए।
३.जमीनी कार्यकर्ताओ पर यदि पुलिस मुक़दमा दर्ज करती है तो पार्टी उनके परिवार को आजीवन पाले।
४.जमीनी कार्यकर्ताओ का अधिकार तय हो, जमीनी कार्यकर्ताओ की मंसा से उनके इलाके के अधिकारियो की पोस्टिंग हो।
५. जो एक बार विधायक, सांसद , पार्सद या निगम , मंडल का पद प्राप्त कर लिया है उसे दुबारा लाभ व् सम्मान का पद नहीं मिलाना चाहिए।
६. चुने हुए प्रतिनिधि जमीनी कार्यकर्ताओ के मंशा से कार्य और दौरा करे ,
;;;; न की अपनी मर्जी से।
७. परिवारवाद खत्म हो तथा एक परिवार के एक सदस्य को ही पद में रखा जावे।
८.पार्टियों को मिलने वाला चन्दा का हिसाब सभी जमीनी कार्यकर्ताओ को सार्वजनिक तौर से बताया जावे।
९.पार्टियों के बैनर, पोस्टर में सभी का फोटो बराबर साइज में छपे।
१०. यदि कोई किसी से चुपके से कोई लाभ लेता है तो लाभ लेने और देने वालो को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जावे।
११. पार्टी को क्या करना है क्या नहीं ये जमीनी कार्यकर्ता
तय करेंगे, कार्यक्रम जमीनी कार्यकर्ता तय करे नेता उनको फॉलो करेंगे तभी भारत में असली लोकतंत्र आवेगा।
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चलो सभी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता बेईमानो से पार्टीयो को आज़ादी दिलाने के लिए एक होकर भारत को मजबूत बनाए।